कड़वा
पत्र टीम की तरफ
से नमस्ते दोस्तों,
यह पत्र आपके लिए
अच्छा भी हो सकता
है और बुरा भी
| लेकिन कुछ लोगो के
लिए तो बहुत बुरा
लगने वाला होगा | क्या
है की आज कल
रोज खबर आ रही
है की सूखा है,
लोगो के पास पिने
के लिए पानी नहीं
है, पशु पक्षी पानी
के बिना मर रहे
है | खबर तो यहां
तक है की पानी
की कमी, आपस मे
लड़ाई की वजह बनने
से 8 लोगो की जान
चली गयी | सरकार पानी के लिए
रेल भेज रही है
गॉवो मे | कई सामाजिक
संगठन पानी बचाने की
मुहीम चला कर बैठे
है | सुनने और देखने मे
तो यहाँ तक आ
रहा है की कुछ
औरतों की मज़बूरी इस
कदर है की उनको pregnancy मे भी 8-10 KM दूर तक पैदल
चल कर पानी लेने
जाना पड़ रहा है
| कोर्ट ने IPL मैच कैंसिल कर
दिए है | इससे ज्यादा
पानी के बारे मे
मीडिया और हम लोग
क्या बात करेंगे |
अब बात करते है
उन गिने चुने गधे
के बच्चो की (माफ़ करना
अगर आप इस श्रेणी
मे आते है और
उम्मीद करते है की
आप न आये और
दूसरों को भी न
आने दे )| इन सब बातो
को जानने के बाद रोज
अखबार पूरा चाटने के
बाद, बहुत सारे न्यूज़
चैनल देखने के बाद और
समाज मे अच्छी अच्छी
बातो पर भासण देने
की बाद अपने घर
मे इस कदर पानी
का दुरूपयोग करने वाले लोगो
को तो गधे के
बच्चे ही कहा जायेगा
| माफ़ करना, गधे का बच्चा
बोलना symbolic है कहा जाता
है गधे बहुत सीधे
साधे होते है उस
नाते तो गधे बोलना
उन लोगो की तारीफ़
करना ही होगा लेकिन
अभी के लिए इन
लोगो को जो पानी
का मूल्य नहीं समझते गधे
के बच्चे ही बोले लेते
है | ये वो लोग
है जो सामजिक होने
का दावा करते है,
अच्छी अच्छी बाते करके अपने
नेतागिरी का बखान करते
है, लोगो के बिच
मे अपनी साख रखते
है घर एवं आस
पड़ोस मे खूब ज्ञान
बांटते है लेकिन होते
तो गधे के बच्चे
ही है क्योकि ज्ञान
बांटने के बाद - घर
पर वही ढाक के
तीन पात | घर
पर गन्दी गाडी को पानी
की अमृत धरा से
ऐसे धोते है जैसे
गाडी लोहे का डिब्बा
नहीं एक जीवन है
जो की इंसानो से
ज्यादा कीमती है | घर का
गार्डन और उसके पौधे
सबसे कीमती है उन पर
जरुरत से ज्यादा पानी
बहाते है | घर के
पौधे तो छोड़ो सड़क
पर जब तक आ
कर नल से पानी
की धरा नहीं बहा
देने इन गधे के
बच्चों को नींद नहीं
आती | अगर फिर भी
पानी को बर्बाद कर
के मन नहीं मानता
तो फिर अपने घर
की छत को पानी
की बाल्टी से छत को
नहाना नहीं भूलते | अब
इनको आपको गधे के
बच्चे बोलो या कुछ
और लेकिन पानी की बर्बादी
करने वाले लोग कम
से कम सामाजिक प्राणी
तो नहीं हो सकते
| वो इन्सान ही क्या जो
दूसरों की परशानी नहीं
समझ सकता , अजी छोड़ो आप
पानी की बर्बादी वाले
लोगो को कुछ भी
बोलो हम तो इनको
या इस तरह के
लोगो की लिए नया
नाम निकल रहे है
एवं वो है चून्दू
| इस पत्र को आज
हम इस देश के
सभी लोगो तक पहुंचाना
चाहते है |
अगर
आपको भी आपके घर
के आस पास कोई
चून्दू नज़र आ जाये
तो ये प्यार भरा
पत्र जरूर पड़ा देना
या फिर उनको unknown नाम
से एक मेल कर
दे, या courier कर
दे लेकिन हमको हर एक
चून्दू आदमी तक इस
पत्र को पहुंचना है
| अगर आप चून्दू नहीं
है तो जरुरु इस
पत्र को शेयर करेंगे
| अगर चंदू है तो
शर्म की वजस से
हिम्मत नहीं होगी या
फिर पानी का दुरूपयोग
करना बंद करके इन्सान
बन कर पत्र शेयर
कर देना | ये पत्र आपकी
अपने लिए है इसमें
किसी और को कोई
फायदा नहीं होगा |
अंत
मे एक बात और
कर सकते है आप
- आप इन लोगो की
फोटो या वीडियो ले
कर हमे कदवपत्र@जीमेल.कॉम पर भी
भेज सकते है | हम
फोटोज एवं वीडियो के
माध्यम से इन चंदू
लोगो को मशहूर कर
देंगे :)
धन्यवाद
कड़वा
पत्र टीम
जय हिन्द , जय भारत